बिछड़ना
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बिछड़ना
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
कुछ खामोशियों का जिक्र नहीं किया जाता हैं , तुमसे बिछड़े हुए न जाने कितने दिन बीते , कुछ बातें दिल में दबाकर रखा नही जा सकता है दिल आज भी तुम्हारा दीदार चाहता है ,
: Mahima
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