यह कहानी विक्रम और अर्पित की है, जिनकी मुलाकात होली के दिन एक पार्टी में होती है। नशे की हालत में दोनों के बीच एक रात की गलती हो जाती है, जिसके बाद दोनों एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं। एक साल बाद, अगले होली पर दोनों फिर से मिलते हैं और पुराने दिनों की यादें ताजा हो जाती हैं। वे एक दूसरे से थोड़ी बातचीत करते हैं, लेकिन जल्द ही अलग हो जाते हैं। कुछ दिन बाद एक बड़े इवेंट में दोनों फिर से मिलते हैं, और धीरे-धीरे दोस्ती की शुरुआत होती है।