अफ़सोस
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अफ़सोस
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
अफ़सोस करूं , और जीता रहूं। जीता रहूं , फिर जी के मरू । जी के मरू फिर अफसोस करूं ।
: Erica
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