रमेश की शादी आसान नहीं थी। हर लड़की के सामने उसकी जुबान ऐसी फिसली कि रिश्ता बनने से पहले ही टूट गया! कभी चाय की दुकान खोलने का सपना दिखाया, तो कभी खुद को 'कुत्तों का डॉक्टर' बता दिया। जब सब उम्मीद छोड़ चुके थे, तभी आई कल्पना, जो खुद भी कम गोलमाल नहीं थी! हँसी-मजाक, गलतफहमियों और गड़बड़ियों से भरी इस शादी की कहानी आपको पेट पकड़कर हँसने पर मजबूर कर देगी!