तेरी गली
Added Successfully to library!
तेरी गली
गजल
शायरी और गज़ल
कभी गुजराती थी रातें किसी की गली में, अब खामोश पड़ी है ,
: Saraswati
Add To Library
11
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप