सविता ने जब पहली बार अपने बेटे, रोहन के लिए बहू देखने की बात सोची, तो उसे सिर्फ एक ही बात की चिंता थी—लड़की अच्छी हो, घर संभालने वाली हो, और परिवार को जोड़कर रखने वाली हो। जब नेहा का रिश्ता आया, तो हर कोई उसकी तारीफ कर रहा था। पढ़ी-लिखी, सुंदर, समझदार और एक अच्छे परिवार से थी। सविता ने बिना देर किए शादी पक्की कर दी।