गुल्लक बचपन का
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गुल्लक बचपन का
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
गुल्लक और उससे जुड़ी मासूम यादों को दर्शाती है। कैसे दो पैसे इकट्ठा करने की लालसा छोटी-छोटी खुशियों से भरी थी, और जब गुल्लक टूटी, तो बचपन की नादानियां भी बिखर गईं।
: Simple Human
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