पश्चाताप के आंसु

client-img

पश्चाताप के आंसु


यह कहानी अर्जुन और सिया की प्रेम कहानी है, जो अहंकार, उपेक्षा और पश्चाताप के दर्द से गुज़रती है। अर्जुन और सिया कॉलेज के दिनों में मिलते हैं और शादी कर लेते हैं। शुरू में उनका रिश्ता मजबूत होता है, लेकिन धीरे-धीरे अर्जुन अपने करियर में इतना व्यस्त हो जाता है कि सिया की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करने लगता है। सिया बार-बार अर्जुन से बात करने की कोशिश करती है, लेकिन वह उसे टालता रहता है। एक दिन, जब सिया कहती है कि वह उसे छोड़कर चली जाएगी, तो अर्जुन गुस्से में उसे जाने देता है। लेकिन उसी रात सिया का एक्सीडेंट हो जाता है और वह हमेशा के लिए चली जाती है। अर्जुन को अपने किए पर गहरा पछतावा होता है। उसे सिया की लिखी डायरी मिलती है, जिसमें उसकी भावनाओं और तकलीफों का दर्द छलकता है। अपराधबोध में डूबा अर्जुन अपनी ज़िंदगी खत्म करने का सोचता है, लेकिन सिया की डायरी के आखिरी शब्द उसे नया रास्ता दिखाते हैं – खुद को बर्बाद करने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर कुछ अच्छा करने का। अर्जुन अपनी नौकरी छोड़कर एक संस्था खोलता है, जो रिश्तों में उलझे लोगों को सही दिशा दिखाती है। वह लोगों को समझाने लगता है कि अपने प्रियजनों को नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि जब वे चले जाते हैं, तब सिर्फ पछतावा ही बचता है। "पछतावा करने से बेहतर है कि हम समय रहते अपने अपनों की कद्र करें।"

25

Views

5

Ratings

9 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप