और एकता राजीव पार्क में बैठकर खाना खाते समय इधर उधर की बातों में खो जाते हैं और यह भूल जाते हैं की कुछ दिनो से हम दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा है क्योंकि एकता को शादी की वह पिकनिक याद आ रही थी जब वह पहली बार राजीव के साथ दिल्ली का मुगल गार्डन देखने गई थी और राजीव को एकता के साथ बिताए अपने प्रेम की खूबसूरत पल याद आ रहे थे।
और एकता से तलाक होने के बाद राजीव सीधे अपनी मां दोनों बहनो जीजा जी के घर जाते हुए बस एक ही बात सोचता है एकता के साथ बिताए प्यार के इन आखरी पलों के सहारे में अब अपना जीवन खुशी से जी लूंगा।
और एकता को भी इसी तरह का एहसास होने के साथ यह भी एहसास हो रहा था अपनी सहेली की कही बात से की गंदी कमीज जैसी छोटी छोटी बातों की वजह से मैंने अपने साथ राजीव का भी जीवन बर्बाद कर दिया है।