"तुम्हें याद तो है ना" कविता प्रेम और यादों की एक खूबसूरत अभिव्यक्ति है। यह कविता दो प्रेमियों की मुलाकात, उनकी खुशियों, छोटी-छोटी बातों, वादों, कसमें, और साथ बिताए गए अनमोल पलों को संजोती है। इसमें प्यार के मासूम एहसास, पहली बारिश, तन्हा गलियों में हँसी की गूंज, और किताबों में लिखे सपनों का जिक्र है।
कविता का अंत एक अधूरी मुलाकात और बिछड़ने की पीड़ा के साथ होता है, जहाँ प्रेमी आज भी उन्हीं यादों में जी रहा है, अपने साथी की वापसी की उम्मीद लगाए हुए। यह कविता प्रेम की गहराई, उसकी नाजुकता और यादों की अमरता को दर्शाती है।