किस्मत

client-img

किस्मत


तो मैं फिर से हाजिर हूं एक नई महफिले शायरी में जहां शाब्द से रोज़ बगावत होगी । किस्मत से हरि होगी , अपने से ठुकराई होगी , दर्द से दोस्ती होगी, रातों से दुश्मनी होगी , किसी का बेसब्री से इंतजार होगा , तो किसी को अपने ज़हन से निकाल देंगे , किसी को चंद पे ले जाएंगे तो , किसी को जमीन पर गिरा देंगे , किसी की यादों में होगे , तो किसी की नफरत का जरिया बनेंगे , किसी का सुकून बनेंगे तो किसी की तड़प में शामिल होंगे , जी हां हम शायरी महफिल में होंगे

12

Views

5

Ratings

1

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप