रात को हलवा पूरी खाने के बाद अल्फिया की अम्मी अल्फिया से कहती है “देखा मेरी बेटी तेरा जन्मदिन पूरे भारत देश ने कितने धूमधाम से मनाया है।” यह बात सुनकर अल्फिया के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
फिर अल्फिया की अम्मी आसमान की तरफ देखकर परमात्मा से कहती है “परमात्मा अपने किसी भी रूप में आकर की लेकिन मेरी मासूम बेटी की इच्छा पूरी की सच में परमात्मा आप ही सबसे बड़े हमदर्द हो।”