नसीब
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नसीब
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
नसीब के आगे कभी हमारी दुआ भी फीकी लगती है कभी तो बस खुदा से मिलने वाली राह ही सही लगती है..!!!
लेखक : Hemlata sahu
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