राजू का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था और समाज ने उसे अछूत समझा। स्कूल से लेकर कॉलेज तक, हर जगह उसे नीचा दिखाया गया और अछूत समझा गया। लेकिन राजू ने अपनी मेहनत और समर्पण से कभी हार नहीं मानी। वह पढ़ाई में अच्छा था और वह समाज से इस बुराई को मिटाने की तैयारी में जुट गया।