ये एक भावनात्मक प्रेम कहानी है, जो समय और हालात के आगे बेबस दो प्रेमियों, रवि और राधा, की अधूरी मोहब्बत को दर्शाती है। कॉलेज के दिनों में जन्मा उनका प्यार समाज की बंदिशों और पारिवारिक दबावों के कारण अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाता। सालों बाद, एक ठंडी शाम में, एक पुरानी चाय की दुकान पर उनकी मुलाकात होती है, जहां वे बीते वक्त और अधूरे सपनों को याद करते हैं। यह कहानी बताती है कि कुछ प्रेम कहानियां कभी खत्म नहीं होतीं, वे बस अधूरी रहकर भी दिलों में जिंदा रहती हैं।