"मैं गंजी रहूंगी"
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"मैं गंजी रहूंगी"
दैनिक प्रतियोगिता
प्रेम कहानी
तो काजल मां से बोलती है, मेरे लिए इस से अच्छा लड़का इस संसार में हो ही नहीं सकता है, इसलिए मैं जीवन भर कुंवारी ही रहुंगी और साथ ही गंजी ताकि मुझे किसी और का सिन्दूर अपनी मांग में ना भरना पड़े।
लेखक : Rakesh
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