मुंबई के उच्च-वर्गीय समाज का समीर, अपने परिवार का इकलौता वारिस था। उसकी शिक्षा, व्यवसाय, और सामाजिक जीवन सब कुछ शानदार था। दूसरी ओर, चर्च में रहने वाला साधारण लड़का, राज, चर्च की देखभाल करता था। समीर और राज की मुलाकात चर्च में हुई, जहां उनकी दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गई।
और फिर उनकी अनकही दास्तां मे!!