खुदकुशी आख़िरी साँस
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खुदकुशी आख़िरी साँस
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
रात का अंधेरा घना था। हवाएँ तेज़ चल रही थीं, मानो किसी अनहोनी का संकेत दे रही हों। एक ऊँची इमारत की छत पर सफेद गाउन में लिपटी एक लड़की खड़ी थी—अहाना। उसकी आँखें शून्य में ताक रही थीं, मानो वह ज़िंदगी और मौत के बीच कहीं उलझी हो।
: Naaz
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