मौत आई एक साया बनकर

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मौत आई एक साया बनकर


चुपके से आती, आहट नहीं, सांसें रोकती, रहमत नहीं। न राजा, न रंक को छोड़े, सबको अपने संग ही जोड़े।
: Saraswati

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