16 सोमवार के महादेव के व्रत रखने के बाद राधिका को अपनी पसंद का वर मिल जाता है, राधिका हमेशा कल्पना करती थी कि उसका पति शहर का पढ़ा लिखा खूबसूरत लड़का होना चाहिए चाहे वह गरीब ही क्यों ना हो, लेकिन पढ़ा लिखा खूबसूरत जरूर होना चाहिए, उसे देहाती यानी कि गांव के होने की वजह से खूबसूरत पढ़े-लिखे लड़के भी पसंद नहीं आते थे, उसकी यह बात उसकी छोटी बहन को बिल्कुल भी पसंद नहीं था। लेकिन जब तक उसकी छोटी बहन राधिका की इस गलत सोच को बदल पाती तब तक राधिका कि गृहस्ती बर्बाद होने की कगार पर पहुंच चुकी थी।