और फिर कुछ ही पलों में वह पिशाचिनी राम का सीना फाड़ कर उसके शरीर का सारा लहू पी जाती है और राम के आधे मृत शरीर को मछलियों के खाने के लिए नदी में फेंक देती है और आधे शरीर को गिद्ध चील कौवे के खाने के लिए वही जमीन पर छोड़ देती है। इतनी दर्दनाक मौत का जिम्मेदार स्वयं राम ही था।