तू चाँद बने, मैं रात की छाया,
तेरी रोशनी में ही जलता आया।
तेरी हँसी पर दिल कुर्बान,
पर तुझे खबर नहीं मेरी जान।
तेरी गलियों में राहें खोजी,
पर नाम मेरा कभी न बोली।
तेरी हर खुशी में मुस्कुराया,
अपने आँसू खुद ही छुपाया।
तेरे ख्वाबों का दीप जलाया,
पर तेरा मन कभी न आया।
तूने मुझे कभी चाहा नहीं,
पर मैंने तुझे कभी छोड़ा नहीं।
तू मेरी दुआओं का हिस्सा रही,
पर मैं तेरी नजरों में किस्सा नहीं।
फिर भी तुझे चाहने का हक, मैंने खुद से छीना नहीं।