इश्क़ की बगावत

client-img

इश्क़ की बगावत


एक सवेरे तुझ से नज़रें जो मिली थीं, देखा था तुझे उस वक्त जब धूप खिली थी। जानता था मैं बग़ावत कर रहा हूँ उसूलों से, पर तुझे अपनी आँखों के सामने देखकर, वो बग़ावत की भूल की थी।
: Diamondshine

23

Views

5

Ratings

2 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप