"प्यार की निशानी"
कविता एक अमर प्रेम की कहानी बयां करती है, जहां एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के लिए अंतिम खत और एक अंगूठी छोड़ जाता है। यह खत सिर्फ शब्दों का मेल नहीं, बल्कि उसकी धड़कनों की गूंज है, जो हर पंक्ति में जीवित रहती है। अंगूठी कोई साधारण आभूषण नहीं, बल्कि उनके प्यार, इंतज़ार और वादों की अमानत है।
इस निशानी को प्रेमिका जब भी देखेगी, उसे अपने प्रेमी की हर बात, हर एहसास याद आएगा। दूर होकर भी वह उसके करीब रहेगा, उसकी खुशियों और आंसुओं का हिस्सा बना रहेगा। यह कविता बताती है कि सच्चा प्यार कभी खत्म नहीं होता, वह यादों और निशानियों में हमेशा जिंदा रहता है।