तेरे प्यार की निशानी
Added Successfully to library!
तेरे प्यार की निशानी
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
तेरे प्यार की निशानी को, मैंने संजो के रक्खा है। दिल में तुमको और तेरे खत को किताबों में छुपा के रक्खा है। क्या तुमने भी ऐसी ही संभाल है मेरे प्यार की निशानी को। मेरे दिए गुलाब और मेरे लिखे खतों को।
: निर्मेश
Add To Library
15
Views
5
Ratings
1
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप