Propose Day

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Propose Day


फ़रवरी की गुलाबी ठंड अपने शबाब पर थी। पार्क में फैली हल्की-हल्की धुंध और दूर-दूर तक पसरी हरियाली के बीच अनय एक बेंच पर बैठा, हाथ में एक कागज पकड़े हुए था। कागज़ पर कई बार कुछ लिखा और मिटाया गया था। यह उसकी दिल की बात थी, जिसे वह महीनों से समेटे बैठा था। लेकिन आज, प्रपोज़ डे पर, उसने ठान लिया था कि अपने जज़्बातों को शब्दों में पिरोकर श्रेया को कह ही देगा।
: Aastha

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