कुछ खामोशियों का जिक्र नहीं किया जाता हैं ,
कुछ बातें दिल में दबाकर रखा नही जा सकती है
दिल आज भी तुम्हारा दीदार चाहता है ,
तुम्हारी लबों पे मुस्कान के खातिर वो तुम पर मर मिटना चाहता है ,
बहुत हसीन हो तुम मेरे ख्वाबों की तरह ,
कमबख्त ये दिल फिर से अपनी आशिकी आजमाना चाहता है ,