गुलाब – एक अधूरी दास्तान

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गुलाब – एक अधूरी दास्तान


गुलाब – एक अधूरी दास्तान** की यह कविता गुलाब के बहाने प्यार, त्याग और यादों की गहराई को बयां करती है। गुलाब सिर्फ एक फूल नहीं, बल्कि इश्क़ का पहला पैगाम, दर्द की चुप्पी और यादों की अमर खुशबू है। यह टूटकर भी महकता है, जलकर भी रोशनी देता है और बिखरकर भी मोहब्बत की कहानी कहता है। चाहे किताबों में दबा हो या खतों में समाया हो, यह हर दौर में प्यार का गवाह बना रहता है। गुलाब सिर्फ खिलने के लिए नहीं, बल्कि किसी के मुस्कान की वजह बनने के लिए होता है। खूबसूरत संदेश: "गुलाब मुरझा सकता है, पर उसकी खुशबू मोहब्बत की तरह कभी नहीं मिटती।"
: Erica

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