आखिरी गुलाब की आखिरी मुलाक़ात
यह कहानी दो लड़कों, अर्जुन और समीर की है, जो एक छोटे से गाँव में रहते थे और बचपन से अच्छे दोस्त थे। समय के साथ उनकी दोस्ती गहरी हो गई, और वे दोनों एक-दूसरे से गहरे प्रेम में थे, हालांकि वे इसे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखा सकते थे। उनका प्यार एक प्रतीक के रूप में गुलाब के फूलों से जुड़ा था। समीर हमेशा अर्जुन को गुलाब का फूल देता था, जो उनके रिश्ते का प्रतीक बन गया था।
समीर का दिल बहुत ही सेंसिटिव था, और वह अपनी भावनाओं को खुलकर अर्जुन से साझा नहीं कर पाता था। एक दिन समीर ने अर्जुन को गुलाब का गुलदस्ता दिया और कहा कि यह उसका आखिरी गुलाब था, और इसके बाद वह अचानक गायब हो गया। अर्जुन समीर की गुमशुदगी से दुखी हो गया और उसकी वापसी का इंतजार करता रहा, लेकिन समीर का कोई पता नहीं चला।
कुछ महीनों बाद, अर्जुन को एक अजनबी पत्र मिला, जिसमें बताया गया था कि समीर अब कभी नहीं लौटेगा और गुलाब अब उसके दिल में समीर का प्यार और यादें छोड़ने का प्रतीक बन गया था। अर्जुन ने समझा कि समीर का प्यार अब हमेशा के लिए उसके साथ रहेगा।
कई सालों बाद, अर्जुन उसी जगह पर बैठा था जहाँ वह और समीर अक्सर मिलते थे, और वहाँ अचानक समीर की यादों के रूप में गुलाब के फूल दिखाई दिए।