खिले गुलाब ( इजहार प्रेम का )
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खिले गुलाब ( इजहार प्रेम का )
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
तुम्हे पाने की ख्वाहिश तो है , मगर तेरे इजाजत के बगैर नही , खूबसूरत एहसास है तू , बिल्कुल खिले गुलाब की तरह
लेखक : Mahima
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