सितारे
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सितारे
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
टिमटिमाते आसमान में, अनगिनत हैं ये सितारे, चमकते हैं हर रात, बनकर नूरी अंगारे। नीले गगन की चादर पर, जुगनू जैसे जगमगाते, शांत मगर रहस्यमयी, हमको राह दिखाते।
: Aastha
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