खेत खेत फूली पीली सरसों,
अमिया में भी बौर लगे,
डाल डाल अब कूकेगी काली कोयलिया,
मन में हर्ष छा जाएगा,
क्योंकि अब बसंत ऋतु आयेगा।
ठिठुरन से अब मिल जाएगी मुक्ति,
सूर्य देव भी अब दिखाएंगे शक्ति।
छुटकारा मिलेगा गरम कपड़ों से,
रजाई कम्बल रख दिए जाएंगे,
क्योंकि अब होगा वसंत ऋतु का आगमन।
महकेगी हर बगिया फुलवारी,
खिल जाएगी हर कली प्यारी।