कलंक
Added Successfully to library!
कलंक
दैनिक प्रतियोगिता
प्रेम कहानी
"कलंक" एक प्रेम, विद्रोह और बदले की दास्तान है। बलराज और रूहाना की मोहब्बत समाज की साज़िशों में घिरकर दर्द और तबाही में बदल जाती है। जब प्रेम पर बेबसी का कलंक लग जाता है, तब यह नफरत की आग में जल उठता है। एक ऐसा इश्क़, जो मरकर भी अमर हो जाता है।
लेखक : साइलेंट लफ्जो का सफर
Add To Library
18
Views
5
Ratings
11 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप