Intazar
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दैनिक प्रतियोगिता
कविता
यह कविता उस इंतज़ार को समर्पित है, जो एक प्रेमिका, एक माँ, और एक परिवार को अपने सैनिक के लिए रहता है—अनगिनत रातों तक, अनकहे शब्दों में, अनसुनी धड़कनों में।
: Dignity Tripathi
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