ये कहानी काल्पनिक नहीं बल्कि सत्य घटना पर आधारित है, जो कि मेरे और मेरे दोस्तों के साथ घाटी थी। बात उन दिनों की हर जब मैं दसवीं की परीक्षा के बाद अपने गांव गया हुआ था। उस समय मैं और मेरे दोस्त गाय बकरियां चराते हुए एक बगीचे के अंदर चले गए थे। उस बगीचे मे एक अजीब और भयानक सा पेड़ था, जिसे लोग डायन का पेड़ कहकर बुलाते थे। उस पद के आस पास जाना माना था, लेकिन हम लोग गलती से वहां चले गए थे। भगवान का शुक्र है कि उस दिन मुझे और मेरे दोस्तों को कुछ हुआ नहीं।