तलाक–उड़ान आजादी की

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तलाक–उड़ान आजादी की


तलाक शब्द कहने को तो यह तीन अक्षर का छोटा सा शब्द है लेकिन इस तीन अक्षर के इस छोटे से शब्द के लिए हमारे समाज की सोच अलग-अलग है... तलाक होता दो लोगों के बीच है जिसमें उनके सारे रिश्तों को एक झटके में तोड़ दिया जाता है लेकिन इस तलाक शब्द की अधिकतर बदनामी एक लड़की के हिस्से में ही आती है गलती चाहे बेशक लड़के की रही हो लेकिन लड़के को कभी कोई दोस नहीं देता लेकिन उसकी जगह उस लड़की को एक छोड़ी हुई लड़की तक बोल दिया जाता है...! ऐसे ही हमारी यह कहानी है हमारी नायिका परी ओबेरॉय की जो आगरा के मशहूर बिजनेसमैन विपिन ओबेरॉय की इकलौती बेटी थी और चार भाइयों की लाडली बहन.....जिसकी शादी उसकी पसंद से दो साल पहले हुई थी.... वो आज दो साल बाद दिसंबर महीने की जाड़े की गलन भरी सर्दी की एक भयानक रात में रोड पर खड़े हुए अपनी एक साल की बच्ची को अपने आंचल में छुपाए हुए अपने आंसुओं से भरी आंखों में लाचारी लिए हुए अपनी आंखों के सामने खड़े हुए उस आलीशान खन्ना मेंशन की तरफ खोई हुई देख देख रही थी उसकी आँखों के सामने दो साल पहले जब सीन चलने लगता है..... जब वह दुल्हन बनकर इस आलीशान मेंशन में आई थी कितने सपने सजाए थे उसने अपने सुखी संसार के लिए और उसके इसी संसार को खुशियों से भरने के लिए उसने एक बड़ी कीमत चुकाई थी और वह कीमत थी उसकी जिद अपने पिता से अपने परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्यार रोहित से शादी करने की उसके पिता ने उसे कितना समझाया था वह लड़का और उसका परिवार लालची है लेकिन उसे उस वक्त कुछ भी समझ नहीं आया था क्योंकि उसकी आँखों पर तो रोहित के प्यार की पट्टी चढ़ी हुई थी.... परिवार मशहूर बिजनेसमैन प्रवीण ओबेरॉय की इकलौती बेटी थी प्रवीण परी को बहुत ज्यादा प्यार करते थे क्योंकि परी उनके खानदान में चार पीढ़ियों के बाद जन्म लेने वाली अकेली लड़की थी अपने चार भाइयों की लाडली बहन उसे कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं रही.... उसके जन्म के समय ही मिस्टर ओबेरॉय ने उसके नाम अपनी कंपनी के 40% शेयर कर दिए थे क्योंकि वह अपनी बेटी को अपने बेटे से ज्यादा प्यार करते थे उसके भाइयों को भी इस बात पर कोई ऑब्जेक्शन नहीं था वह बड़े ही लाड प्यार से पाली हुई गई थी जिस तरह उसका नाम परी था वह परी की तरह दिखती भी सुंदर थी तीखे नेंन नक्शा और गोरा रंग उसे अद्भुत बनाता था जब वह अठारह साल की हुई तो आसपास के लोग उसकी सुंदरता की तारीफ करते थकते नहीं थे...! इसी बीच उसने अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के लिए कॉलेज में जाना शुरू कर दिया और इसी उम्र में उसे प्यार हुआ अपने ही साथ पढ़ने वाले रोहित खन्ना से जो खन्ना कॉर्पोरेशन का इकलौता बारिश था...! कॉलेज में आए दिन उनके प्यार के चर्चे होने लगे थे जिसकी खबर उन दोनों के परिवार वालों को भी हो गई थी रोहित के परिवार वाले तो इस बात से बहुत खुश हुए थे कि क्योंकि उन्हें भी अपने बेटे के लिए अपने बराबरी का ही रिश्ता चाहिए था और परी का परिवार ऐसा ही था क्योंकि परी के पिता आगरा शहर के जाने-माने बिजनेसमैन थे उनका कारोबार भारत के अन्य शहरों में काफी उन्नति कर रहा था..! जहाँ एक तरफ रोहित के परिवार वाले उन दोनों के रिश्ते से खुश थे वहीं परी के परिवार वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था क्योंकि उनका मानना था रोहित का परिवार उनकी बेटी के लिए ठीक नहीं है रोहित जैसा सामने दिखता है वह वैसा नहीं...! इसलिए मिस्टर ओबरॉय ने अपनी बेटी को काफी समझाने की कोशिश की थी लेकिन परी की तरह आंखों पर रोहित के प्यार की ऐसी पट्टी चढ़ी थी उसे अपने परिवार वाले ही अपने दुश्मन नजर आने लगे थे उसने तो अपने पिता को धमकी तक दे डाली थी कि अगर उसकी शादी रोहित से नहीं हुई तो सुसाइड कर लेगी लेकिन परी ने यह नहीं सोचा था कि कहां एक वह एक स्ट्रांग लड़की थी और आज एक जरा सी बात पर कमजोर होकर सुसाइड करने की धमकी दे रही थी...उसे अपने प्यार के आगे अपने परिवार का प्यार दिखाई नहीं दे रहा था ! वहीं परी की सुसाइड करने की धमकी सुनकर प्रवीण ओबेरॉय टूट जाते हैं और उसकी खुशी के लिए शादी करने मान जाते हैं क्योंकि उनके खानदान की वह इकलौती बेटी जो थी लेकिन परी के पिता ने परी के सामने एक शर्त रखी थी कि वह उसकी शादी तभी रोहित से करेंगे जब वह है उसको ना बताएं कि उसके पास उसके पिता की कंपनी के 40% शेयर हैं क्योंकि वह नहीं चाहते थे इस बारे में पता चलने पर रोहित उनकी बेटी का नाजायज फायदा उठाएं..! वहीं अपने पिता की बात सुनकर परी उनसे बोलती है कि रोहित को उससे प्यार है ना कि उसके पिता के पैसों से इसलिए वह उनसे वादा करती है कि वह रोहित और उसके परिवार को कभी नहीं बताएगी उसके नाम पर 40% शेयर हैं लेकिन वह नहीं जानती थी कि रोहित का असली चेहरा क्या है वहीं रोहित को लगता था परी बड़े खानदान की लड़की है तो वह जो चाहेगा वह उसे मिलेगा..! मिस्टर प्रवीण ओबेरॉय रोहित के साथ उसकी शादी धूमधाम से कर देते हैं वही शादी के समय रोहित और उसके परिवार वाले यह सोचकर खुश थे शादी के बाद विदाई में परी अपने साथ बेशुमार दान दहेज लेकर आएगी लेकिन इसके उलट शादी की सारी तैयारी तो मिस्टर ओबराय ने धूमधाम से की थी लेकिन उन्होंने परी को बस एक जोड़े में ही विदा किया कोई भी दान दहेज उसे नहीं दिया गया था क्योंकि वह दहेज प्रथा के विरुद्ध थे..! ना चाहते हुए भी रोहित के परिवार वालों को परी को अपने साथ विदा करके ले जाना पड़ा क्योंकि शादी में तमाम तरह के मीडिया कर्मी भी आए हुए थे जिसकी वजह से वह अपने खानदान की बदनामी नहीं चाहते थे..! वहीं परी को विदा कराने के बाद जैसे ही सब लोग खन्ना मेंशन आते हैं वहां पर परी का गृह प्रवेश बहुत ही सादा तरीके से किया जाता है क्योंकि इसकी वजह थी परी का साथ दहेज ना लाना लेकिन परी को यह सब अभी समझ नहीं आ रहा था क्योंकि रोहित ने उसे बोल दिया था कि वह लोग शांति से गृह प्रवेश करना चाहते हैं बाद में एक अच्छा रिसेप्शन रखेंगे लेकिन ना ही कभी वह रिसेप्शन हुआ और ना ही परी का कभी उस मेंशन में अच्छे से गृह प्रवेश! धीरे-धीरे करके परी की शादी को जैसे—जेसे समय बीतता जाता है रोहित के साथ उसके परिवार वालों का रवैया भी बदलने लगा था उसकी सास और नंद बात-बात पर उसे ताना मारते इसके साथ ही उन्होंने अपने यहां काम करने वाले नौकरों को भी काम से निकाल दिया और उनकी जगह परी से घर संभालने के लिए बोल दिया यह कह कर वह इस घर की बहू है और अब घर संभालना उसका कर्तव्य है..! परी भी बिना किसी शिकायत के सब करती उसे लगता था रोहित उससे प्यार करता है लेकिन धीरे-धीरे रोहित का असली चेहरा भी उसके सामने आने लगा था वह बात-बात पर उस पर हाथ उठा देता इसके साथ ही वह घर पर भी लेट नाइट आता और जब आता भी तो नशे में चूर होकर इसके साथ ही उसके बाहों में कोई ना कोई नई लड़की जरूर होती थी जिससे परी अंदर ही अंदर टूट रही थी उसे अपने पिता की सारी बातें रह रहकर याद आती थी लेकिन वह यह सोचकर चुप रह जाती थी उसने अपनी जिद के चलते अपने पिता की बात नहीं मानी और रोहित से शादी की...! अपनी इस गलती के बारे में सोच सोच कर ही उसने कभी अपने पिता से भी बात नहीं की थी और अब उसे अपने पिता की बात नहीं मानने का पछतावा होता था उसे लगता था उसके पिता उससे नाराज होंगे लेकिन वह नहीं जानती थी उसके पिता को उसकी बहुत चिंता होती थी उन्हें उसकी हालत के बारे में सब पता था लेकिन मैं चाह कर भी उसकी मदद नहीं कर सकते थे क्योंकि वह अपनी बेटी की कसम से बंधे हुए थे शादी के वक्त परी ने उन्हें अपनी कसम दी थी कि जब तक वह उन्हें ना बुलाए वह उसके पास ना आए परी के भाई भी उसकी उसकी हालत के बारे में जानकर बहुत दुखी होते थे उन्हें बस इंतजार था तो परी के खुद से फैसला लेकर उसे घर से बाहर निकलने का...! ऐसे ही समय बीतता जाता है और एक दिन परी बेहोश होकर गिर जाती है जिस वजह से वहां डॉक्टर को बुलाया जाता है क्योंकि अगर वह लोग डॉक्टर को नहीं बुलाते तो समाज वाले उन्हें ही गलत समझते....वहीं परी को चेक करने पर डॉक्टर बताते हैं कि वह प्रेग्नेंट है...! यह सुनकर पूरे खन्ना परिवार में खुशी की लहर दौड़ जाती है क्योंकि उन्हें अब अपने घर के चिराग यानी कि रोहित के अंश की चिंता थी रोहित भी अब उसे खुश रखने की कोशिश करने लगा था इसके साथ ही वह रात को घर से बाहर भी कम रहने लगा था परी भी सबके केयर करने से खुश होती थी उसे लगने लगा था कि रोहित बदलने लगा है ! लेकिन जेसे जेसे उसकी गर्भावस्था का समय बड़ रहा था रोहित के साथ ही उसका पूरा परिवार उसे बात-बात में बोल देता था अगर उसने बेटे को जन्म नहीं दिया तो उस घर में उसके लिए कोई जगह नहीं होगी लेकिन परी तो फिर भी मां थी उसे बेटा हो या बेटी कोई फर्क नहीं पड़ता...लेकिन वह यह सोच सोच कर चिंतित रहने लगी थी अगर उसे बेटी हुई तो क्या कभी रोहित अपनी बेटी को नहीं अपनाएगा..! उसने सब कुछ भविष्य के भरोसे छोड़ दिया था ठीक 9 महीने बाद परी ने एक सुंदर सी बेटी को जन्म दिया और जिसका डर था वही हुआ रोहित अपनी बेटी के जन्म होते ही उसे छोड़कर विदेश चला गया उसके बाद परी और उसकी बेटी का उसके ससुराल वालों ने जीना हराम कर दिया आज जब उसकी बेटी एक साल की हो गई तो रोहित घर वापस आया ..! उसे घर पर देखकर परी खुश हो गई लेकिन रोहित के साथ एक अनजान लड़की को देखकर उसकी दुनिया ही उजड़ गई रोहित ने उसे वापस आकर साफ-साफ बोल दिया था कि वह लड़की उसकी गर्लफ्रेंड है और वह परी से तलाक चाहता है जिससे वह जल्द से जल्द उस लड़की के साथ शादी कर सके क्योंकि वह लड़की एक टॉप मॉडल थी और काफी पेसे कमाती थी...! परी अपने प्यार और अपनी बेटी के भविष्य के लिए उसके सामने बहुत रोई लेकिन रोहित और उसके परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने उस ठंड भरी रात में उस घर से बाहर निकाल दिया उस गलन भरी सर्दी की रात में मेंशन खन्ना मेंशन के सामने खड़ी हुई परी अपने ख्यालों से बाहर आती है........ इस समय उसने अपनी छोटी सी बच्ची को अपने आंचल में छुपा रखा था जिससे उसे सर्दी ना लगे लेकिन ज्यादा सर्दी होने की वज़ह से उसकी बेटी की तबीयत खराब होती जा रही थी उसे बहुत तेज बुखार था..! अपनी बेटी की हालत खराब होते देखकर वह कुछ सोचते हुए रोहित के बंगले के मेंनगेट पर खड़े गार्ड से उसका फोन मांगती है वह गार्ड जो उसकी हालत से अनजान नहीं था उसे फोन दे देता है परी अपने कांपते हाथों से उस फोन को पकड़ कर एक नजर अपनी बच्ची को देखते हुए एक नंबर डायल कर देती है कुछ ही देर बाद दुसरी तरफ से कॉल रिसीव होती है और एक लड़के की सर्द आवाज आती है,"हेलो...!" उस लड़के की आवाज को सुनकर परी के कांपते होंठ खुलते हैं और वह इतना ही बोल पाती है,"भाई मेरी बेटी को बचा लो..!" जैसे ही वह इतना बोलती है कॉल कट जाती है और परी उस गॉर्ड को फोन देकर अपनी बेटी को लेकर रोड के किनारे पर बैठ जाती है उस जगह पर बैठे हुए अभी उसे बीस मिनट ही हुए थे तभी उसके सामने एक-एक करके चार कार आकर रुकती हैं जिससे परी की नजर उन कारों पर जाकर ठहर जाती है..! तभी सबसे आगे रुकी कार में से चार लड़के बाहर निकाल कर आते हैं उन लड़कों को देखकर परी रोने लगती है तभी उन चार लड़कों में से सबसे आगे जो बड़ा लड़का चल रहा था परी को अपना कोट उतार कर पहना देता है और एक गर्म कंबल में उसकी बेटी को लेकर छुपा लेता है कुछ ही देर में वह चारों लड़के परी और उसकी बेटी को लेकर वहां से निकल जाते हैं और उनके पीछे बाकी बची तीन गाड़ियों में आए बॉडीगार्ड भी निकल जाते हैं..! परी को रोहित के घर से गए हुए आज एक महीना हो गया था और आज एक महीने बाद रोहित और उसका परिवार कोर्ट रूम में एक साथ बैठे हुए थे क्योंकि परी और उसका आज तलाक होने वाला था आज परी ने खुद फैसला लिया था और वह इस रिश्ते से आजाद होना चाहती है क्योंकि अब वह अपनी बेटी और अपने स्वाभिमान को खत्म होते नहीं देख सकती थी..! उसे अपनी बेटी को देखकर जीने की एक उम्मीद मिली थी उसे अब रोहित और उसके परिवार वालों से नफरत होने लगी थी कोर्ट रूम में जज साहब के पूछने पर उसे इस तलाक से कोई आपत्ति नहीं है ...तो परी मना कर देती है क्योंकि वह जल्द से जल्द तलाक चाहती थ...! उसे रोहित और उसके परिवार के बालों के चेहरे देखकर अपने साथ हुए हर गुनाह की याद आती थी परी के ऐतराज ना होने पर तलाक भी जल्दी हो जाता है इसके साथ ही परी को उसकी बेटी की कस्टडी भी मिल जाती है क्योंकि रोहित और उसके परिवार वालों को उसकी बेटी से कोई मतलब नहीं था...! तलाक प्रक्रिया पूरे होने के बाद रोहित और उसका परिवार खुश होते हुए जैसे ही कोर्ट रूम से बाहर आते हैं तो अपने सामने इतने रिपोर्टर को देखकर एक दूसरे का चेहरा देखने लगते हैं क्योंकि उन्होंने इस तलाक को काफी सेक्रेटली तरीके से रखा था वह जल्द से जल्द परी से छुटकारा चाहते थे बिना कोई तमाशा किए...! तभी उनकी नजर उन रिपोर्टर की भीड़ के बीच में खड़े हुए मिस्टर प्रवीण ओबेरॉय पर जाती है रोहित जब परी के पापा को वहां देखता है तो उसकी आंखें हैरानी से बड़ी हो जाती हैं तभी रिपोर्टर मिस्टर प्रवीण ओबेरॉय से सवाल पूछते हैं," मिस्टर ओबेरॉय पिछले काफी दिनों से आप मीडिया के सामने नहीं आए थे लेकिन आज अचानक से आप इस कोर्ट के बाहर मीडिया से रूबरू हो रहे हैं इसकी कोई खाश वज़ह...?" "जी हां इसकी एक खास वजह है और वह वज़ह है मेरी बेटी परी ओबेरॉय..." इतना बोलकर वह कोर्ट रूम से बाहर आई परी की तरफ इशारा कर देते हैं आज परी ने एक काले रंग का लिमिटेड एडिशन का सूट पहना था जिसमें वह एक बिजनेस वूमेन की तरह लग रही थी कुछ ही समय में परी मिस्टर प्रवीण ओबेरॉय के पास आकर खड़ी हो जाती है..! तभी प्रवीण रिपोर्टर्स की तरफ देखते हुए कहते हैं,"जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं यह मेरी बेटी परी ओबेरॉय है और आज मुझे आप सभी को बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरी बेटी एक बार फिर से अपनी नई जिंदगी शुरू करने जा रहीं है..!" इसके साथ ही आप लोगों को यह जानकर खुशी होगी परी ओबेरॉय......पूरे ओबेरॉय कारपोरेशन की सबसे बड़ी शेयर होल्डर है अपने जन्म से ही है और अब वही ओबेरॉय कॉरपोरेशन की नेक्स्ट सीईओ बनेगी...!" इतना बोलकर वह परी को प्यार से देखने लगते हैं वहीं वह भी बहुत प्यार से उनके गले लग जाती है लेकिन उसकी एक तिरछी नजर रोहित के ऊपर भी थी और वह अपने होठों को तिरछा मोड़कर उसकी तरफ देख रही थी जैसे उसका मजाक बना रही हो....क्योंकि इस वक्त रोहित के परिवार वालों का चेहरा देखने लायक था..! वही रोहित के परिवार वाले जैसे ही परी के नाम 40% शेयर की बात सुनते हैं वह हैरानी से एक दूसरे की तरफ देखने लगते हैं वही रोहित तो सबसे ज्यादा सदमे में था क्योंकि परी के साथ इतने समय तक रहने के बाद भी परी ने उसे कभी नहीं बताया था कि उसके नाम 40% शेयर हैं अगर परी उसे बता देती तो वह उसे कभी तलाक नहीं देता...! तभी परी अपने पापा से दूर होती है और फिर चलकर रोहित के सामने आकर खड़ी होते हुए कहती है,"मेने तुमसे प्यार किया था लेकिन तुमने मेरे प्यार की कदर नहीं की मैं हर समय अपने स्वाभिमान को दबाते हुए अपने रिश्ते को बचाना चाहती थी लेकिन तुमने तो मेरे स्वाभिमान को चकनाचूर कर दिया लेकिन आज मैं आजाद हूं अपनी बेटी के साथ एक नई उड़ान भरने के लिए क्योंकि यह तलाक ही मेरी आजादी की उड़ान की चाबी है..!" इतना बोलकर परी मुस्कुराते हुए अपने पिता के साथ वहां से चली जाती है वहीं रोहित और उसका पूरा परिवार ठगा सा परी को जाते हुए देखता रह जाता है क्योंकि आज उन्हें परी में एक अलग ही स्वाभिमान से भरी हुई लड़की दिखाई दे रही थी आज उन्हें परी के साथ किए गए अपने बर्ताव पर पछतावा हो रहा था लेकिन अब पछताने से क्या होता है.... क्योंकि परी तो एक नई मंजिल की तरफ चल दी थी जो तलाक के बाद उसकी आजादी की उड़ान थी....... ........समाप्त......
: Ani

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