चांदनी रात में हम अकेले बैठे हैं
Added Successfully to library!
चांदनी रात में हम अकेले बैठे हैं
कविता
कविता
कभी चंद की रोशनी में अकेले बैठे हो , उस पुरे आसमान में एक मात्र वो ही है। जिस की रोशनी ने सब का एक अजीब सी सुकून पहुंचती है तो सुनाई मेरे शब्द।
लेखक : Saraswati
Add To Library
18
Views
5
Ratings
1
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप