कर्म

client-img

कर्म


करिए ऐसा हमेशा कर्म, जिसपे आए नहीं कभी शर्म। कर्म के फल से नहीं, रहता कोई अछूता। चाहे कर्म हो अच्छा, या हो कर्म बुरा।

13

Views

5

Ratings

1 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप