पापा
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पापा
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
पापा के बारे में कहने के लिए कोई शब्द ही नहीं है मेरे पास बस इतना कहूंगा पापा वो हस्ती है जो ज़िंदगी के भवसागर में कश्ती बनकर हमें पार उतारते हैं
: Rudransh
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