पाप
Added Successfully to library!
पाप
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
पाप पुण्य का लेखा जोखा, सब होगा इसी संसार में। इस बात का रखना ध्यान, तुम सदा हर हाल में। हक किसी का मरोगे जो तुम, दिल किसी का दुखाओगे जो तुम, तुमको भी ना चैन मिलेगा, इक दिन सब तुम को वापस मिलेगा। पाप पुण्य का लेखा जोखा, सब होगा इसी संसार में।
लेखक : निर्मेश
Add To Library
13
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप