परोपकार – जीवन का सच्चा सार
सच्ची खुशी वहीं बसती है, जो औरों के काम आए,
जो अपनाए परोपकार, वह सच्चे सुख को पाए।
छोटी-छोटी खुशियों में भी, बड़ा सुख पाया जाता है,
नेकी के हर काम में इंसानियत का मान बढ़ जाता है।
इसलिए ऐ मानव तू सीख ले, सच्चा धर्म निभाना,
हर भूखे को रोटी देना, हर प्यासे को पानी पिलाना।
परोपकार के पथ पर चलकर, जीवन सार्थक हो जाएगा,
इस पुण्य की दौलत से तेरा, नाम अमर हो जाएगा।