कैद रिश्तों की⛓️💔
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कैद रिश्तों की⛓️💔
कविता
रिश्तों की कैद जंजीर में नज़र नही आती मगर घुटन का सबब होती है। कभी कभी दर्द नही देती मगर नासूर का कारण होती है।।
: nishi_bhatnagarr
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