जिंदगी की कैद: कवि

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जिंदगी की कैद: कवि


आज टॉपिक तो बहाते इंप्रेसिव था क्या लिखे यह समझ न आया फिर मां ने कुछ बोला और हमे अपनी रह मिल गई । तो आज poem को आपकी राय जरूर देना।
: MissInkAura

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