वक्त हिसाब करेगा
Added Successfully to library!
वक्त हिसाब करेगा
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
वक्त हिसाब करेगा, सुना बहुत है मैंने। क्या मेरे दिल के ज़ख्मों को भी, कभी किसी दिन ये भरेगा..? वो वक्त आयेगा क्या.. जो मेरे ज़ख्म पर मरहम लगाएगा।
लेखक : निर्मेश
Add To Library
14
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप