महबूब : राधा का अनंत इंतजार
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महबूब : राधा का अनंत इंतजार
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
राधा सा समर्पण, कृष्ण सा प्यार, तेरी मोहब्बत में हर दर्द स्वीकार। तेरी परवाह में खुद को भुला दिया, तेरे बिन ये जीवन अधूरा सा जी लिया।
: Erica
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