यह कहानी आंचल नाम की एक लड़की की है, जो दिल्ली के एक कॉलेज के हॉस्टल में रहने आती है। यहाँ उसे एक पुरानी आत्मा, माधवी की कहानी सुनने को मिलती है, जो आत्महत्या कर चुकी थी और अब बदला लेने के लिए हॉस्टल में भटकती है।
एक रात, आंचल को माधवी की आत्मा दिखती है, जो उसे बताती है कि वह शांति नहीं पा सकती जब तक वह बदला नहीं ले लेती। आंचल मदद करने का फैसला करती है और माधवी की आत्मा उन लोगों से बदला लेती है जिन्होंने उसे तंग किया था। लेकिन बदला पूरा करने के बाद भी माधवी को शांति नहीं मिलती।
आंचल अंत में माधवी की आत्मा की मदद करती है, और वह शांति पाती है। इसके बाद हॉस्टल में सब सामान्य हो जाता है। आंचल समझ जाती है कि कभी भी किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए, क्योंकि हम नहीं जानते कि उनका दर्द क्या है।