यह कहानी है वेदांत अग्निहोत्री की जो इंडिया का टॉप बिजनेसमैन होने के साथ-साथ एक माफिया किंग भी है जो देखने में हैंडसम है अंदर से उतना ही कठोर दिल का है । उसे अगर किसी चीज से नफरत है तो वह है प्यार । वह प्यार शब्द से ही नफरत करता है और उसके मुताबिक प्यार कोई एहसास नही बल्कि ,समय की बरबादी है जिसमे इंसान खुद को बर्बाद कर देता है । वेदांत का मानना है प्यार एक इंसान को कमजोर कर देता है । वही दूसरी तरफ है आरव वर्मा , जो दिखने में बहुत ही प्यारा और मासूम है ,जिसका दिल कांच की तरह साफ है और उसके दिल में दूसरो के लिए हमदर्दी है । उसकी सबसे बड़ी ताकत है उसकी मां और उसकी मां का प्यार । आरव के मुताबिक प्यार इंसान को ताकत देता है जिससे वो दुनिया की ऊंची सी ऊंची दीवार को भी तोड़ सकता है । इसी बीच आरव को होती है कुछ पैसों की जरूरत और वो पैसों के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है और तभी उसकी मुलाकात होती है वेदांत अग्निहोत्री से जो आरव को पैसे देने के लिए मान जाता है लेकिन उन पैसों के बदले आरव को कुर्बानी देनी पड़ती है अपनी जिंदगी की । तो क्या आरव अपनी जिंदगी को कुर्बान करेगा पैसे के लिए ? क्या वेदांत के पत्थर जैसे सीने में कभी उसका दिल किसी के लिए धड़केगा ? क्या मोड़ लाएगी इनकी जिंदगी, जानने के लिए पढ़ते रहिए ,"Sinful Desire"...