लौट आ माँ ...
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लौट आ माँ ...
कविता
बिन मां के जिंदगी उसी क्षण खत्म हो जाती है हर खुशियां शून्य बन जाती है ,,,माँ नही तो कुछ नही कुछ भी नहीं...
: Shivam Bhatt "साहित्य"
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