बदलते चेहरे
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बदलते चेहरे
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
बदलते चेहरे वालो की, होता है हर अदा निराली। बोल के चंद बोल मीठे, कर देते हैं जेब खाली। जब होती है उनको, जरूरत किसी चीज की। बदल के चेहरा अपना, बोलते हैं मीठी बोली।
: निर्मेश
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