खुबसूरती

यह कविता खूबसूरती के दो पहलुओं को उजागर करती है। बाहरी रूप से खूबसूरती आकर्षक हो सकती है, लेकिन इसे केवल दिखावे तक सीमित मानना गलत है। घूरती नजरों और बाहरी आडंबर के बीच, असली खूबसूरती सादगी, सच्चाई और आत्मा की गहराई में बसती है। कविता यह संदेश देती है कि खूबसूरती का मूल्यांकन बाहरी चमक-धमक से नहीं, बल्कि अंदरूनी गुणों और सच्चे दिल से होना चाहिए।

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लेखक : Simple Human
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